पाश की एक कविता

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Image credit: indianexpress.com

कवितायेँ आपको नींद से जगाती हैं| कभी-२ ये आपके होने का एहसास कराती हैं| मै तो कहता हूँ कि कवितायेँ पढ़िए और इसे संगीत की तरह गुनगुनाइए|  पाश एक मशहुर कवि, जो बहुत कम समय में दुनिया को बहुत कुछ देकर चले गए| मैं उनकी कविता पढ़ रहा था और लगा कि यहाँ लिख दूँ ताकि दुबारा इसे फिर से पढ़ सकूँ| आप भी पढ़िए!

मेरे सम्मान का सबसे महान शब्द
जहाँ कहीं भी प्रयोग किया जाए
बाक़ी सभी शब्द अर्थहीन हो जाते है

इस शब्द के अर्थ
खेतों के उन बेटों में है
जो आज भी वृक्षों की परछाइओं से
वक़्त मापते है
उनके पास, सिवाय पेट के, कोई समस्या नहीं
और वह भूख लगने पर
अपने अंग भी चबा सकते है
उनके लिए ज़िन्दगी एक परम्परा है
और मौत के अर्थ है मुक्ति
जब भी कोई समूचे भारत की
‘राष्ट्रीय एकता’ की बात करता है
तो मेरा दिल चाहता है —
उसकी टोपी हवा में उछाल दूँ
उसे बताऊँ
के भारत के अर्थ
किसी दुष्यन्त से सम्बन्धित नहीं
वरन खेत में दायर है
जहाँ अन्न उगता है
जहाँ सेंध लगती है|